क्या आपका दिल टूटा है? | Hindi Story Book

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जब चांद की दूधिया रोशनी उसके बदन को छू कर मुझ तक पहुँचती, बुदबुदाते सितारों की तरह, काँपते होठों से ना जाने कितने वादे करे थे मुझसे हमेशा साथ रहने के।
फिर एक दिन वो रात ही चुरा कर भाग गई। 
रात ही खो गई । 
बिना रात के ना चाँद निकलता और ना ही सितारे। सिर्फ रह गया खाली खाली।
अजब सा खाली की बस खाली । 
रीता-रीता सा अकेलापन । 
कुछ ना था देखने को पर फिर भी मैं खलीपन में आंख गड़ाए देखता रहता, ढूंढता रहता,खोये हुए चांद को, सितारों को, रात को और उसको ।
लोगों की भीड़ में वो दिखी मेरी ओर देखती । बार-बार कोई और सामने आता,वो पल भर को नज़रों से ओझल हो जाती, मैं परशान हो जाता और वो फिर दिखती । ऐसे ही रेल पेल में फिर वो मुझसे अलग हो गई, कहीं गायब हो गई । 
ऐसे जैसे भीड़ उसे खा गई।
जीवन के उस ही खलीपन से निकली मन में ढहरी हुई कहानियाँ, जिन्हें मैंने जोड़ कर लिखा ये संग्रह "क्या आपका दिल टूटा है?"

अपने जीवन के शुरुआती वर्षों में मैं सॉमरसेट मौम से प्रभावित था। उसकी कहानियाँ में मौम का व्यक्तित्व झलकता था।
जब मैं लिख रहा था तो मेरे दिल के कोनो में बसी यादें और भावनाएं मुझे शब्द दे रही थीं। हर कहानियाँ में कहीं ना कहीं मैं झलकता हूँ । मैंने अपने परिवार में किसी को भी अभी तक नहीं पढ़ा है, इस डर से कि परिवार की बहू बेटियां मेरे बारे में क्या सोचेंगी।ये उपन्यास मैंने करीब पाँच साल पहले पूरा कर लिया था पर सत्तर साल की उमर में , हिम्मत कर अब 22 अगस्त 2026 को मैं इसे प्रकाशित कर रहा हूँ।

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